Tuesday, May 24

इतिहास

Gyanbapi Masjid: परिसर में शिवलिंग मिलने की पूरी रिपोर्ट अवध टीवी पर पढ़िए
Opinion, इतिहास

Gyanbapi Masjid: परिसर में शिवलिंग मिलने की पूरी रिपोर्ट अवध टीवी पर पढ़िए

नई दिल्ली:कल वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में तीसरे दिन सर्वे-वीडियोग्राफी का कार्य संपन्न हुआ।सर्वे के बाद परिसर से बाहर निकलते हीं हिंदू पक्ष के एक वकील ने बडे उत्साह से ये दावा किया कि परिसर में नंदी की एक प्रतिमा और एक शिवलिंग मिला है।वकील साहब के मुँह से ये बात निकलते हीं हिंदुओं की भीड़ ने हर हर महादेव का नारा लगाना शुरू कर दिया।लोग एक दूसरे को बधाईयां देने लगे मगर दूसरे पक्ष का कहना था कि वजूखाने से पूराना फब्बारा मिला है जो आकार में शिवलिंग जैसा है न कि शिवलिंग है। हिंदू पक्ष की तरफ से स्थानीय अदालत में ये मांग रखी गई कि पूरे परिसर को सील कर दिया जाए मगर अदालत ने परिसर के उस हिस्से को हीं सील करने का निर्देश दिया,जहाँ शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है। अदालत ने वाराणसी के जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को सील किए जाने वाले स्थान को संरक्षित और सुरक्षित करने की जिम्मे...
अवध टीवी पर आज पढ़िए WWE में भारत का नाम रोशन करने वाले वीर महान की सच्चाई
Breaking News, Life Style, इतिहास

अवध टीवी पर आज पढ़िए WWE में भारत का नाम रोशन करने वाले वीर महान की सच्चाई

नई दिल्ली:ये शख्स आज हर भारतवासी के जुबान पर है सब लोग बड़े गर्व के साथ इनसे अपना नाम जोड़ रहे है ! लेकिन पता जब ये छोटे थे , इनके गाँव में लोग भाला फेंक खेलते थे , ये उन्ही भालो को उठाकर वापस लाने का कार्य करते थे, फिर ये खुद भाला फेकने लगे , अच्छा भाला फेकते देख , इनके अपने लोग इनसे इष्या करने लगे और अपना भाला देने और साथ अभ्यास करने इंकार कर दिया, ये करीब छह माह तक अभ्यास नहीं कर , छह माह बाद इन्होने अपने ट्रक चालक पिता के ट्रक से एक छोटे से लोहे टुकड़े भाला बनवा , उसमे बांस हथा लगाकर पांच किलो वजन भाले बनाकर , अकेले अभ्यास शुरू किया , इसके बाद इनका चयन जूनियर एथलीट हुआ , फिर इन्होने राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर वर्ग एथलीट में भाला फेक स्वर्ण पदक जीता ! यहाँ से ये कभी पीछे मुड़कर नहीं देखे अमेरिका चले गये वहाँ इनका बेसबाल टीम हो गया , कई टीमो की तरफ इन्होने खेला , लम्बी कद - काठी खूब फायद...
सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के बाद जनरल मनोज पांडे होंगे देश के 28वें थलसेनाध्यक्ष
इतिहास, देश, बड़ी खबर

सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के बाद जनरल मनोज पांडे होंगे देश के 28वें थलसेनाध्यक्ष

नई दिल्ली: देश के मौजूदा सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की जगह अब जनरल मनोज पांडे लेने बाले है, जनरल मनोज पांडे 29वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे. आपको बता दें कि इस महीने के अंत में मौजूदा सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे रिटायर होनेवाले हैं, अब उनकी जगह पर जनरल मनोज पांडे को भारत का अगला थलसेनाध्यक्ष बनाया जाएगा. आइए जानते हैं लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे के बारे में महीने के अंत में जनरल मनोज पांडे देश के 29वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त होंगे, जनरल नरवणे के बाद लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे भारतीय सेना के वरिष्ठतम अधिकारी हैं, जनरल मनोज पांडे ने इस साल ही वाइस चीफ ऑफ आर्मी का पद संभाला था. मनोज पांडे ने ब्रिटेन के स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन की है, हायर कमांड और नेशनल डिफेंस कॉलेज में भी पढ़ाई की है. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को 1982 में बॉम्बे सैपर्स में कमीशन मिला था, उन्होंने जम...
“गूंगी गुड़िया” ने कैसे ताकतवर “सिंडिकेट” को धुल चटाया था,सफर पर एक नज़र
blog, Culture, इतिहास, जरा-हटके

“गूंगी गुड़िया” ने कैसे ताकतवर “सिंडिकेट” को धुल चटाया था,सफर पर एक नज़र

नई दिल्ली:फिरोज गांधी से इंदिरा के संबंध बेहद खराब हो चले थे और इंदिरा ने ये समझ लिया था कि अब फिरोज को समझाना बेकार है।इंदिरा अपने दोनों बच्चों राजीव और संजय के साथ अपने पिता के घर त्रिमूर्ति भवन में रहने आ गईं थीं।जवाहरलाल नेहरू अपनी पुत्री को अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे और इस दिशा में उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिया था मगर वो इंदिरा को पूरी तरह स्थापित कर पाते सन् 1964 में दिल के दौरे से उनकी मौत हो गई। सारा देश शोक में था और इंदिरा को ये समझ नहीं आ रहा था कि वह अपने पिता के सपने को कैसे पूरा करे।जवाहरलाल चाहते थे कि उनके बाद इंदिरा हीं देश की प्रधानमंत्री बने।इंदिरा गांधी को पता चला कि कांग्रेस के अध्यक्ष के.कामराज प्रधानमंत्री की खोज के लिए कार्यसमिति की बैठक करनेवाले हैं।इंदिरा ने उन्हें तुरंत पत्र लिखा कि वो चाहतीं हैं कि जब तक देश में राष्ट्रीय शोक है तब तक प्रधानमंत्री का चु...
जब अटल बिहारी बाजपेयी का इलाज करवाया था राजीव गांधी ने
Culture, इतिहास, जरा-हटके, स्वास्थ

जब अटल बिहारी बाजपेयी का इलाज करवाया था राजीव गांधी ने

नई दिल्ली:बात 1987 की है,अटल बिहारी वाजपेयी उन दिनों बीमार चल रहे थे।किडनी में संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा था।उन्होंने अपनी बिमारी का जिक्र बहुत कम लोगों से किया था।भारत में उन दिनों किडनी का इलाज लगभग न के बराबर था।जो धनवान थे अमेरिका तथा यूरोपीय देश जाकर इलाज करवा लेते थे, बाजपेयी जी के पास पैसे का अभाव था इस वजह से वे अमेरिका नहीं जा पा रहे थे,संक्रमण रोज बढ़ता हीं जा रहा था। एक दिन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एक दूत आकर उनसे मिला और कहा कि प्रधानमंत्री जी आपसे अभी मिलना चाहते हैं।बाजपेयी जी प्रधानमंत्री की बात कैसे काट सकते थे वे दूत के साथ राजीव गांधी के दफ्तर पहुंच गए। प्रधानमंत्री राजीव गांधी बडी आत्मीयता से बाजपेयी जी से मुल़ाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। राजीव गांधी को किसी से बाजपेयी जी की बिमारी के बारे में पता चल चुका था।उन्होंने बाजपेयी जी को कहा कि उन्हें वे संयुक्त राष्ट...
लिखंत बकंत से ऊपर होता है,कश्मीर फाइल्स देखिये
Fashion, Life Style, Reviews, अपराध, इतिहास

लिखंत बकंत से ऊपर होता है,कश्मीर फाइल्स देखिये

नई दिल्ली:मोटे तौर पर सरकारी दफ्तरों में इसका मतलब ये होता है कि लिख दिए एक भी वाक्य का असर, केवल कही गयी सौ बातों से अधिक होगा। पहले केवल सरकारी दफ्तर होते थे इसलिए ये सरकारी कार्यालयों में सुनाई देता है, लेकिन इसका असर कॉर्पोरेट यानि निजी कार्यालयों में भी उतना ही होता है। इसलिए अगर आप "द कश्मीर फाइल्स" देखने जाते हैं और वहाँ आपको दूसरी फिल्मों के पोस्टर दिखते हैं, "द कश्मीर फाइल्स" के नहीं दिखते, या ऐसी ही कोई दूसरी शिकायत होती है तो मेनेजर से उसकी कंप्लेंट बुक मांगिये। कंप्लेंट बुक में अपनी शिकायत लिखिए, मोबाइल से उसकी फोटो लीजिये और घर आ जाइये। जैसे कश्मीर में हुए हिन्दुओं के नरसंहारों का सच किताबों में न लिखे जाने के कारण दबाया जा सका, वैसे ही फिल्म-कला-साहित्य-नाटक इत्यादि के जगत में हमारे पक्ष का सत्य कैसे कुचला जाता था, वो आपके न लिखने के कारण दब जायेगा। कोई फिल्म बना देन...
निर्मम चेचन्या लडाके यूक्रेन में देखे गए,दहशत का माहौल
अपराध, इतिहास, बड़ी खबर

निर्मम चेचन्या लडाके यूक्रेन में देखे गए,दहशत का माहौल

नई दिल्ली:सूत्रों से खबर आई है कि चेचन्य लडाके रूस की तरफ से लडऩे के लिए यूक्रेन पहुंच गए हैं।ये खबर चिंतित करनेवाली है क्योंकि चेचन्य लडाके जल्लाद से कम नहीं है।वे बेहद क्रूर और निर्मम होते है।पुतिन इनका इस्तेमाल नागरिक क्षेत्रों में खूनखराबे के लिए कर सकते हैं।इंसानों को तड़पाकर मारने में इन्हें महारथ हासिल है।अब प्रश्न ये उठता है कि ये चेचन्य लडाके है कौन?और कहाँ से आये हैं? रूस के पश्चिमी हिस्से में एक बडा सा इलाका है,इसका ना म है "नार्थ काँकेसस"।यहां चेचन्या नाम की एक जगह है।अतीत में चेचन्या और रूस जानी दुश्मन थे।चेचन्या के लोग इस्लाम को मानने वाले हैं और वे चेचन्या को एक स्वतंत्र इस्लामिक देश बनाना चाहते हैं।रूस ने चेचन्या को स्वायत्तता दिया मगर उनके स्वतंत्र देश बनाने के कई आंदोलन को कुचल दिया है। सन् 1858 में रूस के जार शासकों ने पहली बार चेचन्या को अपनी ताकत के बल पर जीत लिया था ...
ईवीएम की सुरक्षा को लेकर अवध टीवी ने किया एक पड़ताल
इतिहास, देश, बड़ी खबर, राजनीति

ईवीएम की सुरक्षा को लेकर अवध टीवी ने किया एक पड़ताल

  सुरक्षा: स्ट्रॉन्ग रूम कितना होता है स्ट्रॉन्ग?, राजनैतिक पार्टियां कैसे उड़ाती है ईवीएम को लेकर अफवाहे! स्ट्रॉन्ग रूम का मतलब है कि ऐसा कमरा जहाँ की सुरक्षा अचूक है और अनाधिकारिक लोगों की पहुँच असंभव है। भारत के चुनाव में स्ट्रॉन्ग रूम का मतलब निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान और वोटों की गिनती से है। मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाती है और इनकी सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से चाक-चौबंद रहता है। स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग तीन स्तरों पर करता है: देश भर में इसकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती रहती है। केंद्रीय बल स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर की सुरक्षा देखते हैं जबकि बाहर की सुरक्षा राज्य पुलिस बलों के हाथों में होती है। स्ट्रांग रूम की निगरानी कितनी कड़ी: स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा की निगरानी ज़िले के डीएम और एसपी के हाथों म...
पूर्व प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गांधी का गूंगी गुड़िया” से “आयरन लेड़ी” बनने तक का सफर
इतिहास, राजनीति

पूर्व प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गांधी का गूंगी गुड़िया” से “आयरन लेड़ी” बनने तक का सफर

नई दिल्ली:देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू अपनी प्रिय पुत्री "इंदू" को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिया था, मगर हृदयाघात से मौत होने के बाद इंदिरा गांधी बिल्कुल अकेली पड़ गईं थीं।1967 में इंदिरा गांधी कांग्रेस के सीनियर लीड़र के न चाहने पर भी प्रधानमंत्री बन गई थीं।कांग्रेस के भीतर गुटबाजी चरम पर थी।सिंडिकेट के लोग इंदिरा को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे।सिंडिकेट में सीनियर लीडर थे जो सरकार को अपने हिसाब से चलाना चाहते थे मगर ये इंदिरा को गवारा न था।सिंडिकेट की काट के लिए इंदिरा गांधी ने पी.एन.हक्सर को लंदन से बुला लिया जो उस समय ब्रिटेन में भारत के डिप्टी कमिश्नर हुआ करते थे।हक्सर को इंदिरा गांधी ने अपना प्रधान सचिव नियुक्त कर लिया। ताकतवर सिंडिकेट से मुकाबला करने के लिए इंदिरा गांधी ने अपनी टीम में पाँच विश्वस्त लोगों को जोडा जो "पाँ...
Ukrainian servicemen get ready to respond to an attack in Ukraine’s
इतिहास, बड़ी खबर

Ukrainian servicemen get ready to respond to an attack in Ukraine’s

Russia:Russian forces launched an invasion of Ukraine early Thursday, with President Vladimir Putin warning other countries not to intervene and Ukraine’s Western allies pledging their support and new rounds of strong sanctions as they condemned the Russian assault.   Putin used a televised address to announce what he called a military operation in eastern Ukraine, in response to what he termed Ukrainian threats. He said those who opposed the action will face "consequences they have never seen." Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy said Russian forces carried out strikes on Ukraine's military infrastructure and border guards. He said the government was introducing martial law throughout the country, while urging people to stay calm and stay home. “No panic. We are s...